Home Bharat आस्था के फलक पर ख़ूनी हादसों के निशान छोड़ गया सावन झूला मेला – पत्रिका

आस्था के फलक पर ख़ूनी हादसों के निशान छोड़ गया सावन झूला मेला – पत्रिका

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आस्था के फलक पर ख़ूनी हादसों के निशान छोड़ गया सावन झूला मेला – पत्रिका

फैजाबाद (अयोध्या) | मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम की नगरी अयोध्या में चल रहा विश्व प्रसिद्ध सावन झूला मेला पूर्णिमा स्नान के साथ समाप्त हो गया लेकिन करीब पखवारे भर मस्ती और उल्लास के बीच चले इस मेले में इस बार इतने हादसे हुए की सावन झूला मेला 2016 बेगुनाह श्रधालुओं की अकाल मृत्यु के लिए हमेशा याद रखा जायेगा । हालांकि इन हादसों के लिए सीधे सीधे तौर पर किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता लेकिन फिर भी मेला प्रबंधन से जुड़े जिम्मेदारों की व्यवस्था पर सवाल उठने भी लाजमी है । अयोध्या में सावन झूला मेला वैसे तो सावन महीने की शुरुआत के साथ ही शुरू हो गया था लेकिन बीते पखवाड़े भर से या मेला अपने शबाब कर रहा लेकिन करीब 15 दिनों तक राम की नगरी अयोध्या में उमड़ी लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच हुए हादसों ने मेले के रंग में भंग डालने का काम किया ।

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अयोध्या मेला क्षेत्र और मेले से ताल्लुक रखने वाले 22 लोग हुए हादसों का शिकार

सावन झूला मेला 2016 में हादसों की शुरूआत बीते 9/10 अगस्त की रात हुई जब राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 28 पर अयोध्या में मेला क्षेत्र में प्रवेश करने वाले मार्ग के निकट हाईवे पर डिवाइडर पर आराम कर रहे 14 श्रद्धालुओं को एक बेकाबू ट्रेलर ने रौंद दिया । इस दर्दनाक हादसे में 7 श्रद्धालुओं की मौत हो गई और 7 श्रद्धालु बुरी तरह से जख्मी हो गए । इस हादसे ने सबसे पहले मेला व्यवस्था पर सवाल उठाए कि आखिर जब मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था थी तो फिर हाईवे पर मौत की रफ्तार से दौड़ रहे वाहनों के बीच उनकी गाड़ियों को क्यों खड़ा करवाया गया और जब श्रद्धालु हाईवे पर डिवाइडर पर अपना ठिकाना बना रहे थे उस समय पुलिस कहां थी आखिर उन्हें क्यों नहीं रोका गया जिसके कारण इतना बड़ा हादसा हुआ । वहीं मेले के दौरान 24 घंटे सतर्क रहने का दावा करने वाली पुलिस की सक्रियता पर भी सवाल उठे जब भारी-भरकम ट्रेलर हादसे को अंजाम देने के बाद कई पुलिस नाकों और चौकियों को पार करता हुआ फरार हो गया और अभी तक पुलिस वारदात को अंजाम देने वाली ट्रेलर का सुराग तक नहीं लगा पाई जबकि घटना की सूचना कुछ ही देर में पुलिस की आपातकालीन सेवा 100 नंबर को मिल गई थी ।

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बेकाबू पिकअप वाहन ने तीन लोगों को रौंदा एक की मौत दो बुरी तरह जख्मी

हाईवे पर बेकाबू ट्रेलर द्वारा श्रद्धालुओं को रौंदे जाने और उनकी मौत का गहरा जख्म अभी भरा भी नहीं था इस वारदात के 24 घंटे के अंदर ही अयोध्या कोतवाली क्षेत्र के परिक्रमा मार्ग इलाके के पास एक तेज रफ्तार पिकअप वाहन ने सड़क के किनारे खड़े तीन लोगों को रौंद दिया। जिससे एक व्यक्ति की मौत हो गई और दो गंभीर रुप से जख्मी हो गए इस हादसे में भी सवाल यही उठा कि जब अयोध्या में इतना बड़ा मेला चल रहा है तो आखिरकार भारी-भरकम वाहनों का मेला क्षेत्र में प्रवेश कैसे हो रहा है जबकि मुख्य मार्ग पर पुलिसकर्मी साइकिल सवारों को भी मेला क्षेत्र में प्रवेश के लिए रोकते रहे ऐसे में बड़े वाहन चोर रास्तों के जरिए मेला क्षेत्र में कैसे प्रवेश करते रहे यह भी बड़ा सवाल है ।

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हाइवे पर वाहनों की रफ्तार में पुलिस ने नहीं लगाई लगाम अलग अलग हादसों में आधा दर्जन लोगों की हुई मौत

सावन महीने के दौरान बड़ी संख्या में अयोध्या में कांवड़ियों के दर्शन पूजन का सिलसिला जारी रहा यह कांवड़िये मुख्य रूप से हाईवे के जरिए अयोध्या में आते जाते रहे पुलिस प्रशासन ने कांवड़ियों की सुरक्षा के लिए कुछ दिनों के लिए हाईवे पर एकल मार्ग की व्यवस्था कर दी जिससे एक मार्ग से कांवड़िए और श्रद्धालु आ जा सकें और दूसरे मार्ग से वाहनों का आवागमन जारी रहा लेकिन मेला क्षेत्र से होकर गुजरने वाले हाइवे पर वाहनों की रफ्तार को लेकर पुलिस प्रशासन ने कोई कदम नहीं उठाया और भारी भरकम वाहन मौत की रफ्तार से दौड़ते रहे ऐसे ही एक हादसे में एक तेज रफ्तार बोलेरो ने दो श्रद्धालुओं को रौंद दिया और उनकी मौत हो गई वही तेज रफ्तार ट्रक की ठोकर से श्रद्धालुओं की ट्राली में टक्कर लगी इस हादसे में भी एक श्रद्धालु की मौत हो गई वह बाईपास इलाके में ही अयोध्या आ रहे एक छात्र नेता को तेज रफ्तार ट्रक ने कुचल दिया इस हादसे में भी छात्र नेता की मौत हो गई ।

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जर्जर मंदिर की छत ढहने से चली गई दो श्रद्धालुओं की जान 4 हुए जख्मी

सावन मेले के दौरान लगातार हो रहे हादसों के जख्म भर नहीं सके अभी एक हादसे को लेकर मेला प्रशासन और अयोध्या के लोग सही गलत का आकलन कर ही रहे थे कि बीते मंगलवार की रात अयोध्या के तुलसी नगर इलाके में यादव मंदिर की छत गिर गई इस भीषण हादसे ने अयोध्या में चल रहे गीत संगीत और नृत्य के भाव विभोर कर देने वाले वातावरण को चीख पुकार में तब्दील कर दिया । इस दर्दनाक हादसे में दो श्रद्धालुओं की मौत हो गई और चार घायल हो गए । इस हादसे में भी सवाल यही उठा कि पूर्व में जर्जर मंदिर और भवनों को नोटिस जारी करने के बाद आखिरकार नगर पालिका प्रशासन ने अपनी जिम्मेदारियों को पूरा कैसे मान लिया आखिरकार ऐसे भवनों और मंदिरों पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई जिससे इतना बड़ा हादसा हुआ ।

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अयोध्या आए आजमगढ़ जिले के 8 युवक हुए सड़क हादसे का शिकार गवाई अपनी जान

हादसों की कड़ी में फैज़ाबाद जिले के रौनाही थाने के सामने हुए कार और ट्रक की टक्कर की घटना को अगर जोड़ लें तो अयोध्या में सावन मेले के दौरान मरने वालों की संख्या 22 हो जाती है इस हादसे का शिकार होकर जान गंवाने वाले आजमगढ़ जिले के 8 युवक अयोध्या में दर्शन करने आए थे इसके बाद रास्ता भटक जाने के कारण वह लखनऊ रोड की तरफ चले गए और रात के अंधेरे में एक ट्रक चालक की लापरवाही के कारण सभी की जान चली गई । हालांकि इस हादसे में प्रथम दृष्टया ट्रक चालक की ही लापरवाही सामने आई है इसलिए इस घटना को मेला प्रबंधन की कमियों से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए लेकिन कहीं ना कहीं मरने वाले अयोध्या में दर्शन करने आए थे इसलिए उन्हें श्रद्धालु की नजर से ही देखा जा रहा है ।

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मेले के दौरान अलग-अलग हादसों को मिलाकर कुल 22 लोगों की गयी जान

अयोध्या में चल रहे 15 दिन के सावन झूला मेले के दौरान अलग-अलग हादसों में 22 लोगों की जान चली गई हालांकि की इन सभी घटनाओं के लिए अकेले मेला प्रशासन को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है लेकिन फिर भी कुछ घटनाओं में राहत और बचाव कार्य में देरी तो कुछ में पुलिसिया लापरवाही सामने जरूर आई है । जिसकी वजह से घटनाएं हुई अगर मेला व्यवस्था से जुड़े अधिकारी अपनी जिम्मेदारी को अच्छे ढंग से निभाते तो शायद मरने वालों का आंकड़ा कम किया जा सकता था । सबसे बड़ा सवाल इसी बात का है कि 7 लोगों की मौत का जिम्मेदार खूनी ट्रेलर अभी तक पुलिस की पकड़ से बाहर है जबकि वारदात की जानकारी समय रहते पुलिस को मिल गई थी फिर भी पुलिस अभी तक अंधेरे में हाथ पाँव मार रही है ।

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