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पाकिस्तान के खिलाफ हिन्दू नेताओं की हुंकार – विराट पोस्ट

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पाकिस्तान के खिलाफ हिन्दू नेताओं की हुंकार – विराट पोस्ट

भुवनेश्वर, 10 अगस्त : ऋषि कश्यप की जन्मभूमि व कर्मभूमि कश्मीर इसलामी आतंकवाद का दंश झेल रहा है । पाकिस्तान प्रेरित आतंकवाद के कारण वहां का पंडित अपनी मातृभूमि को छोड कर देश के विभिन्न हिस्सों में रहने के लिए मजबूर है । इस घटना के इतने सालों बाद भी कश्मीरी पंडित अपने मातृभूमि नहीं लौट पा रहे हैं । लेकिन पाकिस्तान की मंशा पूरी नहीं होगी । पाकिस्तान के उद्देश्यों को पूरा नहीं होने दिया जाएगा । राजधानी के भंजकला मंडप में भारत रक्षा मंच व हिन्दू जन जागृति समिति द्वारा आयोजित कश्मीर से  संबंधित कार्यक्रम में वक्ताओं ने यह बात कही ।

मात्र छह साह की आयु में इसलामी आतंकवाद की बर्बरता को अपने आंखों के सामने देखने वाली तथा अपने माता पिता को खोने वाली अर्चना काक ने जब स्थानीय भंजकला मंडप में अपनी आप बीती बताई तो वहां उपस्थित बुद्धिजीबी व आम लोग स्तब्ध थे ।

उन्होंने कहा कि यह केवल उनकी ही कहानी नहीं है ।  इसलामी आतंकवाद के कारण हजारों की संख्या में लोगों ने अपनों को खोया है ।

इस कार्यक्रम में शामिल पुनुन कश्मीर के अध्यक्ष डा. अजय चुंगु ने कहा कि वर्तमान में धारा 370  न हटाने तक कश्मीर में पंडितों की वापसी संभव नहीं है । उन्होंने कहा कि कश्मीर में वर्तमान में पाकिस्तानी झंडे फहराय़े जा रहे हैं । उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर देश के 165 हिन्दू संगठनों ने कश्मीरी पंडितों को न्याय प्रदान करने की मांग को लेकर  जनवरी 19  को कश्मीर जाने का आह्वान दिया है । उन्होंने कहा कि इस अभियान  में उन्होंने ओडिशा के लोगों का सहयोग चाहिए|

कार्यक्रम में भारत रक्षा मंच के संय़ोजक सूर्यकांत केलकर व सह संयोजक मुरली मनोहन शर्मा ने भी संबोधित किया । श्री शर्मा ने अपने उदवोधन में कहा कि पाकिस्तान द्वारा प्रेरित आतंकवाद का खात्मा करने का समय आ गया है । पुनुन कश्मीर को ओडिशा की जनता भरपूर सहयोग देगी ।

इस कार्यक्रम में श्रीराम सेना के प्रमुख प्रमोद मुतालिक, शिवसेना तेलंगाना के प्रमुख टी.एन मुरारी, गोवा सनातन संस्था के प्रमुख चेतन राजहंस, हिन्दू जनजागृति समिति के प्रमुख रमेश सिंद  व अन्य वरिष्ठ नेता उपस्थित थे ।

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