बांग्लादेश के आतंकी संगठन अंसार राजशाही ने हिंदुओं तथा धर्मनिरपेक्ष लोगों को निशाना बनाने के लिए एक लिस्ट बनाई है

ढाका। बांग्लादेश पुलिस के अनुसार एक नए आतंकी संगठन अंसार राजशाही ने देश में रह रहे स्थानीय हिंदुओं तथा धर्मनिरपेक्ष लोगों को निशाना बनाने के लिए एक लिस्ट बनाई है। पुलिस ने इस संगठन का संबंध कुख्यात आतंकी संगठन जमात-उल-मुजाहिदीन (जेएमबी) से भी बताया।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक आतंकी संगठन के सदस्य आपस में सुरक्षित मैसेजिंग एप्लिकेशन के जरिए बात करते हैं। संगठन के सदस्य इन हत्याओं के लिए एप के जरिए ही फंड भी जुटा रहे हैं। ढाका ट्रिब्यून की खबर में कहा गया है कि संगठन ने स्थानीय हिन्दुओं और धर्मनिरपेक्ष लोगों की एक सूची बनाई है जिन्हें निशाना बनाने की साजिश उसने रची है। इसी क्रम में नीरेंद्रनाथ सरकार को मारने की साजिश भी रची गई है।

बताया जाता है कि जेएमबी का फरार नेता शरीफ उल इस्लाम खालिद अंसार राजशाही के संस्थापकों में से एक है। वह राजशाही विश्वविद्यालय का छात्र है तथा इस साल अप्रैल में एक शिक्षक रिजा-उल-करीम की हत्या के मामले में पुलिस उसकी तलाश कर रही है।

अब तक हो चुकी है 7 हिंदु पुजारियों की हत्या

गौरतलब है कि पिछले वर्ष से अब तक बांग्लादेश में कम से कम 7 हिंदू पुजारियों की हत्या की जा चुकी है जबकि दर्जनों अन्य हिंदू तथा ईसाईयों का हत्या की धमकी दी हई है। इन सभी मामलों में जमात-उल-मुजाहिदीन का सीधा हाथ भी बताया गया है।

पुलिस द्वारा सोमवार को शरीफ उल के दो चचेरे भाईयों अमीन उल इस्लाम रूमी तथा इनाम उल हक सबुज को गिरफ्तार किया था। कड़ी पूछताछ में उन्होंने ये खुलासा करते हुए अपने तीन साथियों के बारे में भी बताया। राजशाही के पुलिस अधीक्षक मोज़्ज़म हुसैन ने मंगलवार को कहा कि उन्हें उनके फोन में एक सुरक्षित मैसेजिंग एप्प मिला है। उन्होंने कहा कि हमने उनकी बातचीत का 58 पन्नों का मुद्रित दस्तावेज प्राप्त किया है।

पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर स्थानीय अदालत में पेश किया जहां पुलिस ने दोनों के लिए पांच-पांच दिन की हिरासत की मांग की गई है।

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