नगर की मां महामाया देवी मंदिर में गुरुवार की देर रात को रोशनदान तोड़कर चोरों ने धावा बोलकर गर्भगृह से सोने चांदी के जेवर सहित दानपेटी में रखी नगदी पार कर दी । नगर के मंदिर में चोरी की दूसरी घटना है। मामले में पुलिस की उदासीनता से लोगों में आक्रोश है। उन्होंने शीघ्र ही आरोपियों को नहीं पकड़ने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। वहीं पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच विवेचना में लिया है। टीआई का कहना है आरोपियों की तलाश की जा रही है।

मां महामाया देवी मंदिर से अज्ञात चोर देवी के कुछ गहने ले जाने में सफल हो गए, वहीं मूर्ति से कई गहने को चोरों ने धारदार हथियार से काटकर ले जाने का प्रयास किया । लेकिन इसमें वह सफल नहीं हो पाए जिससे लाखों रुपए के गहने जरूर बच गए। चोरों ने मूर्ति से सोने चांदी के करीब पचास हजार के गहने और दानपेटी में रखी नगदी को पार कर दिया। इसकी जानकारी शुक्रवार को सुबह होने पर मंदिर परिसर में लोगों की भीड़ जुट गई। इसकी सूचना पुलिस को दी गई।

रोशनदान के एग्जास्ट से घुसा चोर

मंदिर के पुजारी गोकुल वैष्णव पिता शीतल दास वैष्णव ने बताया कि उन्होंने रोज की भांति गुरुवार की रात आठ बजे महामाया मंदिर में पूजा की। इसके बाद मंदिर के अंदर ताला लगाकर अपने घर चला गए। दूसरे दिन महामाया समिति के सहसचिव रमेश साहू मंदिर परिसर में रोज की भांति स्नान ध्यान के बाद शुक्रवार की सुबह 5.30 बजे साफ-सफाई और म्यूजिक सिस्टम चालू करने पहुंचे तो देखा कि गर्भगृह के रोशनदान में लगा एग्जास्ट पंखा गिरा हुआ था और दानपेटी भी अपनी जगह पर नहीं थी। रोशनदान के नीचे पेटी के साथ दानपेटी और कुछ मंदिर के सामान सीढ़ीनुमा रोशनदान के पास रखा हुआ था, इस पर कुछ ना कुछ होने की शंका हुई । उन्होंने इसकी जानकारी आसपास के लोगों दी और पुजारी गोकुल वैष्णव को बुलाया और गर्भगृह का ताला खुलवाया । इस पर चोरी की जानकारी मिली फिर इसकी जानकारी समिति के पदाधिकारियों को दी गई तत्पश्चात इसकी सूचना पुलिस थाने में दी गई । पुलिस ने मंदिर पहुंचकर जानकारी ली तो पता चला कि महामाया देवी के दो सोने के लॉकेट गायब थे, साथ ही दानपेटी के ताले को भी तोड़कर अंदर रखी हुई रकम गायब कर दी गई थी । पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ जुर्म दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

मंदिर में चोरी की दूसरी घटना

महामाया मंदिर में चोरी की यह दूसरी घटना है। इससे पहले 6 जून 2012 को मंदिर में अज्ञात चोरों ने ताला तोड़कर सोेने चांदी के जेवर ले जाने का प्रयास किया था, लेकिन चोर सफल नहीं हो पाए थे और देवी की मूर्ति को छतिग्रस्त कर दिया था। मामले में पथरिया पुलिस आज तक पतासाजी नहीं कर पायी है और मंदिर में फिर दूसरी घटना हो गई। चोरी की घटना से लोगों में आक्रोश है। लोगों ने बताया कि मामले में संलिप्त आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तारी नहीं किया गया तो उग्र आंदोलन करेंगे।

चोरों की तलाश में जुटी पुलिस

महामाया मंदिर क्षेत्र की सबसे प्रतिष्ठित मंदिर में सें एक है। मंदिर के प्रति लोगों की आस्था गहरी होने के कारण यहां नवरात्रि के दोनों पक्ष में बड़ी संख्या में ज्योतिकलश प्रज्जवलित किए जाते हैं। यहां बड़ी संख्या में लोग दर्शन करने दूर-दूर से आते हैं। पथरिया पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 457, 380 के तहत जुर्म दर्ज कर मामले को जांच विवेचना में लिया है।

लोगों में घटना के बाद आक्रोश

मंदिर में दूसरी बार चोरी की घटना होने से लोगों में आक्रोश रहा है। मामले में पुलिस ने संवदेनशील मामला होने के कारण प्राथमिकता से कार्रवाई करने की बात कही है। प्र्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जिस तरह से चोरी की घटना को अंजाम दिया गया है, उसे किसी शातिर चोर के द्वारा अंजाम दिए जाने की बात कही गई। ज्ञात हो कि महामाया देवी की मुख्य मूर्ति 18वीं शताब्दी की है।

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